नहीं जानता के मँज़िल तक पहुँचेंगे भी ये रास्ते या नहीं,
फिर भी इन रास्तों में अब मैं उम्मीद की एक मशाल ढूँढता हूँ |
‐ 4 months ago by hotsonu999

— 1 Likes —
SMS Length : 291